Saturday, 16 July 2011

terrorism & politicians

मुम्बई बम ब्लोस्ट के बाद खाकी फिल्म का वो दृश्य सहसा ही याद आया जिसमे अमिताभ कहते हैं कि,"हमारी लड़ाई उस दुश्मन से हे जिसका ना कोई नाम है ना चेहरा है" फिर क्यों राजनेता ब्लोस्ट मे मारे गये लोगो की खोज खबर लेने के बजाये आपसी बयांबाजी मे उलझे हुये है

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