१-वो तेरी पाकीजगी के सदके हज़ार जान जालिम,,कत्ल भी नही किया और जीने लायक भी न छोडा,, २- फूलों सी खूबसूरती कई काँटों को ले कर आती है साथ,सीरत बख्शता है उसे खुदा जिसकी सूरत खराब होती है. ३- आज फिर याद आया है इस दिल को वही लम्हा,हम तुम और वो मार्च की सुहानी रात, ४-वो बीते लम्हे उन यादों की तड़प भी क्या खूब है,ज्यों-ज्यों भुलाते है उन्हें नींदें उडती जाती है. ५-ये अल्फाज भी तेरे ये तड़प भी तुझसे,जो ना होती तू तो कलाम कहा होता. ६-लिखते गाते गुनगुनाते रहे ख्वाबों का क्या,ना हो तेरी आरजू तो इन यादों का क्या. ७-कौन कहता है जीने के लिए तेरी यादें है बहुत,ना होती पाने की कशिश तो ये अंदाज़-ए-बया क्या होता. ८-जब से खॊया है तुझे ये दिल क्यू बेताब है,ये धडकने रुकती सी है ये साँसें थमती है जरा. ९-क्या ख़बर थी एक दिन आ जायेंगे इस मोड़ पर,धड़कनों का सिलसिला चलता नही है राह् पर. १०-कितनी हसी थी महफिलें कितनी महँगी यारी थी,हमने जाना नही था दोस्त बिकती है खुद्दारी भी, ११-यादों के चिराग जले और मचले दिल की हसरत,अश्कों के मोती जो पिरोये इनमें तो बस दर्द के शेर ही निकले.... १२-पीने को तो पी गए हम बेवक्त मय को बेसबब,ये नवाजिशे आँखों की थी पर मयकशी हरगिज नही... १३-फिर वही हवा के गर्म झोंके, फिर वही तनहाई है सनम, है वही कोयल की बोली है वही अप्रैल की शाम.. १४-ज़माना बदला तुम भी बदले, बदले मौसम रंग हजार,पर है वही बेचैनिया रहा वही बस इंतज़ार.. १५-दिल संभल तो गया है पर कुछ इस तरह दोस्त,जैसे उजडा हो कोई बाग तूफान के बाद.. १६-है हौसला बहुत तन्हा ज़ीस्त गुजारी के लिए,पर जीना मुश्किल भी है हौसलों के लिए.. १७-तेरे ज़िक्र से यू धड़के है दिल जैसे के आखिरी रात हो,ना लो मेरे सब्र का इम्तिहान कि अब जान जाती है.. १८-शाम से ही घिरने लगते है हर सिम्त यादो के साये,कोई समझाए के ये रात है या तेरी यादो का डेरा .. १९-फिरती है आवारा सी मेरे दिल में तेरी यादे,जुम्बिशे धडकनों की यु ही तो नहीं रुकती.. २०-ये खामोश मिजाजी और ये रातो के साये घने से,एक तेरा गम है तो है तेरी यादे.. २१-वो मेरी इश्क की दीवानगी और तेरा जा कर न आना,शामो को वीरा कर गया रातो को तडपना.. २२-चल दिल अब कुछ न कह रातो के सफर मे,ये ज़िंदगी बीतेगी यादो के शहर मे २३-क्या यादो का मौसम बिखर चला है ऐ दिल,देखो तो चले है अब ये सुहाने ख्वाब किस ओर..
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