Sunday, 12 February 2012

फुटकर शेर

1-कोई भूला-बिसरा गीत याद आए तो क्या करे दोस्त,, कहते है सरे-शाम यादों के चिराग जलाया नहीं करते,,           2-दिल की बस्ती शाम से ही खुशगवार हो चली है दोस्त,,,ख्वाबों में आने का उसने वादा जो किया है,,                   3-वो वादों का हसीन मौसम,,ये रातों में यू तडफना,,वो आँखों के हसीन सपने,,और ये इश्क की बेताबिया,,           4-संभल जा मयकशी तेरी जान लेकर छोड़ेगी दोस्त,,गर खुदकुशी का शौक था तो प्यार क्यू किया,,                   5-ये रातों का जागना,ये बिस्तर पे करवटे बदलना "राजेश",,मैंने कहा था ना दिल-ए-नादान प्यार मत कर,,

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