Friday, 10 February 2012

कथनी-करनी////जो आया दिल में लिख दिया!

काँग्रेस बी.जे.पी. में अन्तर--1-काँग्रेस का कोई नेता पैसा लेते रंगे हाथ नहीं पकड़ा गया,बी.जे.पी.-बंगारू लक्ष्मण,दिलीप सिंह जूदेव,जया जेटली 2-काँग्रेस पिछड़ों को उनका हक दिलाने का प्रयास कर रही है,,बी.जे.पी.-धर्म के आधार पर लोगो को भड़का रही है,देश में फूट डाल रही है,3-बी.जे.पी. शासित ज्यादातर राज्यों में लोगो को बोलने की आजादी नहीं है,,इसलिए वहा का कुछ पता नही चलता,छत्तीसगृह में ई.टी.वी. पर प्रतिबंध,एम.पी.में झूठे मुकदमे,,और भ्रस्टाचार चरम पर ऐसे पैसा खा रहे हैं जैसे दुबारा मौका ही नहीं मिलेगा,,4-वाजपेयी की सरकार में  सैनिकों के ताबूत तक की खरीदी में घोटाले हुए पर सी.बी.आई.ने मामला तक दर्ज नहीं किया,,काँग्रेस शासन में यदि घोटाले हुए तो 1 भी मामला दबाया नहीं गया,,मनमोहन सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम पारित कर लोगो को घोटाले उजागर करने की शक्ति दी,,तभी जनता ने उन्हें दुबारा चुना,,,,,,,,,,,,5-यदि काँग्रेस में कोई तानाशाही होती तो सिंह किंग ना होते,,परिवार वाद नहीं यथार्थवाद है,,जिसमें योग्यता होगी वो आगे आयेगा,.पहले भी जनता ने विदेशी मूल का मुद्दा नकार दिया है,लेकिन काँग्रेस की कमी निकालने के अलावा इनके पास कोई मुद्दा नहीं है है,,मुद्दा विहीन मुर्दा पार्टी है बी.जे.पी.,,,,,,,,,,,,,,,बी.जे.पी. में ख़ुद विरोध करने की शक्ति तो है नहीं इसलिए अन्ना,रामदेव,स्वामी(जो ब्लैकमेलिंग का पुराना उस्ताद है) को आगे करके उन्हें धन बल से पोषित करती है,जो विपक्ष की भूमिका सही तरीके से ना निभा पाये,जनता उन्हें वोट देकर क्यों अपना वोट बेकार करे,,,,,जागो वोटर जागो! 

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