ये देश राम का है--रावण का नही,ये देश गाँधी का है गोडसे का नही,ये देश सुभाष चन्द्र भगत सिंह आज़ाद और ऐसे तमाम भारत माँ के सपूतों का है छद्म रास्ट्रवादियो का नही,ये देश ईसा का है जिन्होंने कश्मीर की वादियों के शांत माहौल में शान्ति महसूस की,ये देश मोहम्मद साहब का है जिसका प्रमाण "हजरत बल दरगाह" में मौजूद है,ये देश खान अब्दुल गफ्फार का है जिन्ना का नही,मुस्लिम लीग की स्थापना संघ के निर्माण के बाद हुई उन्होंने अलगाव-वाद को हवा दी,धर्म के नाम पर बने पाकिस्तान की हालत क्या है और हमारी धर्मनिरपेक्षता के कारण हम महाशक्ति बनाने की ओर है,आजादी के पहले भारत छोटी-छोटी रियासतों में बँटा हुआ था जिसे वर्तमान भारत का रुप पटेल और नेहरू ने दिया उन्होंने किया "भारत निर्माण" और पाकिस्तान के दो टुकडे किसने कराये ये भी सबको मालूम है,वंश-वाद की बात करने वालों को तब वंश-वाद नही दिखता था जब सीनियर बुश के पुत्र जूनियर बुश के बुलवाए पर आए-दिन बिरयानी खाने अमेरिका जाते थे,सारे देश के कांग्रेसी नेता इंदिराजी के खिलाफ होकर उन्हें ही पार्टी से हटा दिया था "आपातकाल के बाद" तब उन्होंने इन्दिरा काँग्रेस बने थी और देश की जनता ने चुनावों में दिखाया की असली काँग्रेस कौन सी है बात रही अन्ना के आंदोलन की तो उन्हें सरकारी लोकपाल से सिर्फ़ इतनी तकलीफ है कि उसमे एन.जी.ओ.को रखा गया है और मुझे "जनलोकपाल" से सिर्फ़ इतनी दिक्कत है उसमे एन.जी.ओ नही है...क्योकि यू.पी.ए.सरकार ने भ्रस्ट एन.जी.ओ. जिन पर सरकार के कार्यों में सहयोग देने के बजाय पैसा खा लेने का आरोप था..3 लाख एन.जी.ओ.बैन किए सरकार ने...जय हिंद सारी बातों पर स्वस्थ और प्रामाणिक बहस के लिए तैयार हूँ....बुद्धिहीन कृपया दूर् ही रहे..
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